सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ एवं शिक्षक के गुण | Problems of Teaching of Social Studies and Qualities of Teacher

Problems social studies teaching, Problems and teaching qualities of social studies teaching, Qualities of social studies teacher, Social Studies Teaching Methods, Social Studies Pedagogy Notes, REET Teaching Methods, REET Notes PDF, REET Notes in Hindi PDF, problem of teaching social studies,

सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ एवं शिक्षक के गुण

Welcome to Our Website www.MissionGovtExam.com

इस पोस्ट के माध्यम से सामाजिक अध्ययन शिक्षण विधियाँ उपलब्ध करवा रहे है जिसमे सामाजिक अध्ययन विषय के अध्यापन की समस्याएं, सामाजिक अध्ययन शिक्षक के सामुदायिक क्रियाकलाप, सामाजिक अध्ययन शिक्षक के गुण एवं व्यावसायिक वृद्धि आदि बिंदुओं के नोट्स है जिनकी पीडीएफ़ डाउनलोड करने के लिए पोस्ट के अंत मे पीडीएफ़ फाइल का लिंक दिया हुआ है जिस पर क्लिक करके पीडीएफ़ डाउनलोड कर सकते है | ये नोट्स राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET), CTET, UPTET, HTET, 2nd Grade Teacher एवं अन्य सभी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए बेहद ही उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है| (problem of teaching social studies)

सामाजिक अध्ययन के अध्यापन की समस्याएँ (Problems of teaching social studies) –

  1. यह विषय सीधे-सीधे किसी व्यवसाय के बारे में मार्गदर्शन नहीं करता।
  2. स्वयं बालक इस विषय के प्रति गंभीर नहीं होता।
  3. स्वयं सामाजिक विज्ञान का शिक्षक अपने कर्तव्य के प्रति गंभीर नहीं रहता।
  4. अभिभावक भी इस विषय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं रखता।
  5. सरकार भी इस विषय के प्रति उदासीन है।
  6. यह प्रायोगिक विषय है परन्तु इसके लिए प्रयोगशाला का अभाव है।
  7. विषय-वस्तु की जटिलता
  8. दुषित परीक्षा प्रणाली
  9. स्तर के अनुसार पाठ्यक्रम का ना होना
  10. सैद्धान्तिक ज्ञान पर अधिक बल
  11. अध्यापक व विद्यार्थी के मध्य अच्छे सम्बन्धों का अभाव।
  12. अन्तःक्रिया का अभाव
  13. सहायक सामग्री का न होना
  14. स्थान व प्रबंधन की समस्या
  15. विद्यालय में बजट व संसाधनों की कमी
  16. सामूहिक मार्गदर्शन की समस्या
  17. विभिन्न योग्यताओं वाले बच्चों के कारण उत्पन्न समस्या।

सामाजिक अध्ययन शिक्षक के सामुदायिक क्रियाकलाप (Social Studies Teacher’s Community Activities) –

  1. नारा लेखन
  2. प्रभात फेरी का आयोजन
  3. रैली
  4. वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
  5. स्वच्छता अभियान
  6. रक्तदान शिविर
  7. स्वास्थ्य शिविर
  8. बचत/बीमा/बैंकिंग कार्यशाला
  9. बालिका शिक्षा विकास शिविर
  10. बाल मेले का आयोजन
  11. बाल सभा का आयोजन

सामाजिक अध्ययन शिक्षक के गुण एवं व्यावसायिक वृद्धि (Qualities and Professional Growth of Social Studies Teacher) –

सामाजिक जीवन में एक शिक्षक की क्या भूमिका है इसके बारे में समझने के लिए निम्न विद्वानों के विचार पर्याप्त है –

  • रायबर्न के अनुसार – ‘‘शिक्षक समाज का सबसे चरित्रवान व्यक्ति होता है।’’
  • राधाकृष्णन के अनुसार – ‘‘वह राष्ट्र उतना ही महान है जितना महान उस राष्ट्र का शिक्षक है।’’
  • भारतीय दर्शन के अनुसार –
  1. शिक्षक समाज का दर्पण है।
  2. शिक्षक राष्ट्र निर्माता है।
  3. शिक्षक बालक का भाग्य विधाता है।

एक शिक्षक के रूप में जब एक व्यक्ति कार्य करता है तो उसमें विभिन्न प्रकार के गुणों की आवश्यकता होती है जैसा कि – ‘‘शिक्षक के रूप में वह व्यक्ति सफल है जो ज्ञानी, तर्कवान एवं अदम्य साहसी है’’-कुबली के अनुसार।

शिक्षक के अन्य गुण –

व्यक्तिगत गुण – (1). आकर्षक व्यक्तित्व (2) सत्यावादिता, कर्तव्य निष्ठता (3) समय के पाबंद (4) सहनशीलता (5) सहजता (6) अनुशासन प्रिय (7) मृदुभाषी (problem of teaching social studies)

सामाजिक गुण – (1) मिलनसार (2) सहयोगी भावना (3) सहकारिता का भाव (4) सहृदय (5) सामाजिक सरोकार प्रिय (6) लोक प्रिय

व्यवसायिक गुण – (1) विषय विशेषज्ञ (2) मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण (3) शिक्षण विधियों का जानकार (4) बाल व्यवहार का जानकार।

व्यवसायिक वृद्धि –

  1. उपलब्ध सभी प्रकार की पत्र-पत्रिकाओं का नियमित पाठक होना चाहिए।
  2. सामाजिक विज्ञान से संबंधित पत्रिकाओं का नियमित पाठक व सहयोगी होना चाहिए।
  3. शिक्षक सम्मेलनों में भाग लेना चाहिए।
  4. सामाजिक समारोह, उत्सव एवं पर्वो में भाग लेना चाहिए।
  5. विभिन्न प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक मेलों में भाग लेना चाहिए।
  6. विभिन्न प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक मेलों में भाग लेना चाहिए।
  7. समाज के सम्मेलनों में भाग लेना चाहिए।
  8. धार्मिक त्यौहारों एवं विभिन्न प्रकार के पर्वो में सकारात्मक भाव से अग्रणी रहना चाहिए।
  9. सरकारी व गैर सरकारी सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
  10. विद्यालय के प्रार्थना स्थल पर बालकों को नियमित रूप से दैनिक समाचार पढ़कर सुनाने चाहिए।

Download Problems Social Studies Teaching Notes PDF –

Download Latest Job Notification – Click Here

Download Teaching Methods Topic Wise Notes

 923 total views,  1 views today

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top