Transport in Rajasthan, राजस्थान में परिवहन

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Transport in Rajasthan, राजस्थान में परिवहन
Transport in Rajasthan, राजस्थान में परिवहन

 

सड़क परिवहन :-

● भारत में सड़क का निर्माता शेरशाह सूरी को कहा जाता है। जिसने 1540 ई. में ढाका (बांग्लादेश) से पेशावर (पाकिस्तान) तक ग्रांड ट्रंक रोड़ का निर्माण करवाया।

● आधुनिक सड़क परिवहन का जनक मैकाडम को कहा जाता है।

● सन 1943 में नागपुर योजना के तहत सड़क परिवहन का आधुनिकीकरण किया गया तथा सड़क परिवहन को चार भागों में विभाजित किया गया।

  • राष्ट्रीय राजमार्ग
  • राज्य राजमार्ग
  • जिला सड़क
  • ग्रामीण सड़क

राजस्थान में सड़क परिवहन 6 प्रकार का है। –

 

Transport in Rajasthan

एक्सप्रेस वे :-

● राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के दबाब को कम करने हेतु उसे 6-8 लेन में परिवर्तित कर दिया जाता है।

● एक्सप्रेस वे के निर्माण, रखरखाव तथा संचालन केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सयुंक्त रूप से करते है।

● भारत का पहला एक्सप्रेस वे जयपुर – गुड़गांव एक्सप्रेस वे है जिसपर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) – 8 स्थित है।

NH – 08 :- नया नम्बर – NH 58, NH 48

● NH – 8 राजस्थान का सबसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग है।

● NH – 8 राजस्थान का एकमात्र तथा भारत का पहला एक्सप्रेस वे है।

● NH – 8 कामली घाट (राजसमन्द) तथा चीरवा घाट सुरंग (उदयपुर) से गुजरता है।

● NH – 8 का विस्तार – दिल्ली, जयपुर, अजमेर, राजसमन्द, उदयपुर, डूंगरपुर, मुम्बई

NH – 48 :-

● NH – 48 स्वर्णिम चतुर्भुज योजना तथा दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा का भाग है।

● NH – 48 वर्तमान में राजस्थान का एकमात्र एक्सप्रेस वे है।

● NH – 48 उदयपुर में देबारी दर्रा से गुजरता है।

● NH – 48 पर राजस्थान का एकमात्र घूमता फिरता ट्रॉमा हॉस्पिटल स्थित है।

● विस्तार – दिल्ली, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, उदयपुर, मुम्बई (Transport in Rajasthan)

राष्ट्रीय राजमार्ग :-

● वे राजमार्ग जो राज्यो की राजधानियों, प्रमुख औद्योगिक शहरों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों, बंदरगाहों तथा सामरिक महत्व के प्रमुख स्थलों आदि को जोड़ते है। राष्ट्रीय राजमार्ग कहलाते है।

● राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण तथा रखरखाव राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करता है। जबकि संचालन केंद्र सरकार करती है।

● राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या की दृष्टि से राजस्थान का भारत मे प्रथम स्थान है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई की दृष्टि से उत्तरप्रदेश के बाद दूसरा स्थान है।

NH – 113 :- नया नम्बर NH 56

● NH 56 राजस्थान के 33 वें जिले प्रतापगढ़ से गुजरने वाला एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग है।

● विस्तार – निम्बाहेड़ा, प्रतापगढ़, दाहोद (गुजरात)

NH – 12 :- नया नम्बर NH 52

● NH 52 पर बूंदी सड़क सुरंग तथा तीसरा राष्ट्रीय उद्यान मुकुन्दरा हिल्स स्थित है।

● NH 52 दो राज्यों की राजधानी जयपुर को भोपाल से जोड़ता है।

● NH 52 दो रेलवे जॉन उत्तर पश्चिम रेलवे (जयपुर) तथा पश्चिम मध्य रेलवे (जबलपुर) को जोड़ता है।

NH – 3 :- नया नम्बर NH 44

● NH 44 / उतर दक्षिण गलियारा राजस्थान के धौलपुर जिले से गुजरता है।

● NH 44 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। (3745 KM)

● विस्तार – श्रीनगर, अमृतसर, दिल्ली, आगरा, मुम्बई, कन्याकुमारी (तमिलनाडु)

NH – 76 :- नया नम्बर NH 27

● NH 27 / पूर्व पश्चिम गलियारा / स्वर्णिम चतुर्भुज योजना / दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा का भाग है।

● NH 27 हाथी दर्रा (उदयपुर) तथा देबारी दर्रा (उदयपुर) से गुजरता है

● विस्तार – सिचलर (आसाम), बांरा, कोटा, बूंदी, बिजोलिया, चितौरगढ़, उदयपुर, गोगुन्दा, पिंडवाड़ा (सिरोही), पोरबंदर (गुजरात)

NH – 11 :- नया नम्बर – NH 11, NH 52, NH 21

● NH 21 स्वर्णिम त्रिभुज का भाग है जो घाट की घुणी सुरंग तथा केवला घना पक्षी विहार से गुजरता है।

NH 79 A :- नया नम्बर NH 448

● NH 448 पूर्णतः राजस्थान में सबसे छोटा राष्ट्रीय (38 KM)

● NH 448 राजस्थान का एकमात्र राष्ट्रीय राजमार्ग जो एक जिले से प्रारंभ होकर उसी जिले में समाप्त होता है

NH – 112 :- नया नम्बर – NH 25

● NH 25 पूर्णतः राजस्थान में सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। (318.81KM)

● NH 25 पर पचपदरा रिफाइनरी स्थित है।

NH 71B :- नया नंबर NH 919

● NH 919 राजस्थान से गुजरने वाला सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग है (4.7 KM)

NH 89 :- नया नंबर NH 58, NH 62

● NH 58 पर पुष्कर तथा मेड़ता स्थित है जबकि देशनोक NH 62 पर स्थित है।

● विस्तार – अजमेर, पुष्कर, मेड़ता, नागौर।

NH – 15 :- नया नंबर NH 68, NH 11, NH 62

● NH 15 राजस्थान से गुजरने वाला सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है (893.50 KM)

● NH 15 थार के मरुस्थल से गुजरने वाला सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है जो अंतरराष्ट्रीय सीमा रेड क्लिफ रेखा के समांतर गुजरता है।

● राष्ट्रीय मरू उद्यान NH 15 पर स्थिति है।

● वर्तमान में राष्ट्रीय मरू उद्यान NH 68 पर स्थित है।

● वर्तमान में राजस्थान का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग NH 62 है।

● राजस्थान में सड़कों की कुल लंबाई – 2,36,572.27 KM

● राजस्थान में सड़क घनत्व – 69.12 KM/100 वर्ग Km

● राजस्थान में सड़क जन घनत्व – 345.49 km/ एक लाख जनसंख्या

● राजस्थान में सर्वाधिक सड़कों की लंबाई – बाड़मेर

● राजस्थान में न्यूनतम सड़को की लंबाई – धौलपुर

● राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की सर्वाधिक लम्बाई – उदयपुर,

● राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की न्यूनतम लम्बाई – हनुमानगढ़ / सवाई माधोपुर

● राजस्थान का एकमात्र जिला झुंझुनूं जहाँ से कोई राष्ट्रीय राजमार्ग नही गुजरता है।

● राजस्थान में सड़को से जुड़े सर्वाधिक गांव – गंगानगर

● राजस्थान में सड़को से जुड़े न्यूनतम गांव – सिरोही (Transport in Rajasthan)

वायु परिवहन :-

● भारत मे वायु परिवहन का प्रारंभ 1911 में इलाहाबाद से नैनी के मध्य वायु डाक सेवा के रूप में किया गया।

● भारत में घरेलू वायु सेवा का प्रारंभ टाटा संस कंपनी द्वारा 1932 में किया गया।

● सन् 1953 में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण किया गया

● वर्तमान में वायु परिवहन संघ सूची का विषय है।

● 1 अप्रैल 1955 को वायु परिवहन के सफल संचालन एवं नियंत्रण हेतु भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की स्थापना नई दिल्ली में की गई

● वर्तमान में भारत में घरेलू वायु सेवा तथा अंतरराष्ट्रीय वायु सेवा का संचालन एयर इंडिया करती है जिसका शुभंकर महाराजा है।

● सन 1929 में जोधपुर के शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने फ्लाइंग क्लब की स्थापना की।

● राजस्थान में वायु परिवहन का प्रारंभ 1950 में जयपुर से जोधपुर से किया गया।

● जयपुर से दिल्ली, अहमदाबाद तथा मुंबई के लिए घरेलू सेवा प्रारंभ की गई जबकि जोधपुर से दिल्ली और कराची के लिए वायु सेवा प्रारंभ की गई।

● वर्तमान में राजस्थान में तीन प्रकार का वायु परिवहन संचालित है।

  1. हवाई पट्टी
  2. सैन्य हवाई अड्डे
  3. नागरिक हवाई अड्डे

1. हवाई पट्टी :-

● हवाई पट्टी का संचालन राज्य सरकार करती है।

● वर्तमान में राजस्थान में 20 हवाई पट्टियां है जिसमें 16 हवाई पट्टी राज्य सरकार के अधीन तथा चार हवाई पट्टियां निजी क्षेत्र के अधिक है।

● राजस्थान में निजी क्षेत्र की हवाई पट्टियां :-

  1. कांकरोली हवाई पट्टी (राजसमन्द) – जे. जे. ग्रुप
  2. पिलानी हवाई पट्टी (झुंझुनूं) – बिड़ला ग्रुप
  3. वनस्थली हवाई पट्टी (टोंक) – वनस्थली ग्रुप
  4. बांरा हवाई पट्टी (बांरा) – अडानी ग्रुप

2. सैन्य हवाई अडडे :-

● वे हवाई अड्डे जिनका संचालन वायु सेना करती है।

● वर्तमान में राजस्थान में 4 सैन्य हवाई अड्डे है –

  1. नाल हवाई अड्डा – बीकानेर – एशिया का सबसे बड़ा भूमिगत हवाई अड्डा
  2. जैसलमेर हवाई अड्डा – जैसलमेर
  3. सूरतगढ़ हवाई अड्डा – गंगानगर
  4. उतरलाई एयरपोर्ट – बाड़मेर

3. नागरिक हवाई अडडे :-

● वे हवाई अड्डे जिनका संचालन भारतीय विमानन पतन प्राधिकरण करता है।

● वर्तमान में राजस्थान में पाँच नागरिक हवाई अड्डे है।

(i) सांगानेर हवाई अड्डा :- जयपुर

● राजस्थान का पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जहाँ से 2004 में दुबई के लिए प्रथम अंतरराष्ट्रीय वायु सेवा प्रारम्भ की गई।

(ii) महाराणा प्रताप हवाई अड्डा – उदयपुर – राजस्थान का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

(iii) रातानाडा हवाई अड्डा :- जोधपुर

(iv) कोटा हवाई अड्डा – कोटा

(v) किशनगढ़ हवाई अड्डा :- अजमेर – राजस्थान का नवीनतम तथा एकमात्र कांच से निर्मित हवाई अड्डा जहाँ से अहमदाबाद-दिल्ली-हैदराबाद के लिए घरेलू वायु सेवा प्रारम्भ की गई।

● राजस्थान का एकमात्र ग्रीन फील्ड या प्रथम ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण नीमराणा (अलवर) में किया

रेल परिवहन :-

● विश्व में रेल परिवहन का प्रारंभ 1829 ईसवी में लंदन (इंग्लैंड) में हुआ।

● भारत में रेल परिवहन का प्रारंभ 16 अप्रैल 1853 में लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में मुंबई से थाणे के मध्य 34 किलोमीटर रेल चला कर किया गया।

● राजस्थान में रेल परिवहन का प्रारंभ अप्रैल 1874 में जयपुर रियासत में रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में आगरा फोर्ट से बांदीकुई के मध्य 36 किमी रेल चला कर किया गया।

● 1 अगस्त 1951 को रेल परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर संघ सूची में शामिल किया गया।

● वर्तमान में राजस्थान में रेल मार्ग की कुल लंबाई 5929 किलोमीटर है जो भारत के कुल रेल मार्ग का 8.66% है।

● राजस्थान में तीन प्रकार का रेल परिवहन है –

  1. ब्रॉड गेज (82.92%)
  2. 2. मीटर गेज (15.60%)
  3. 3. नैरोगेज (1.48%)

● राजस्थान में नैरोगेज रेल परिवहन केवल धौलपुर जिले में है।

● राजस्थान में प्रतापगढ़ तथा बांसवाड़ा में रेल परिवहन नही है। जबकि करौली, टोंक, सिरोही जिले मुख्यालय रेल परिवहन से नही जुड़े हैं।

● राजस्थान में एक रेलवे जोन (उत्तर-पश्चिमी रेलवे) का मुख्यालय जयपुर में है।

● वर्तमान में राजस्थान में पांच रेलवे मण्डल है। जिनमें 4 रेलवे मण्डल (जोधपुर, जयपुर,, बीकानेर, अजमेर) उतर पश्चिमी रेलवे का भाग है। जबकि कोटा मण्डल पश्चिमी मध्य रेलवे (जबलपुर) का भाग है।

पर्यटन विकास हेतु संचालित शाही ट्रैन :-

  1. पैलेस ऑन व्हील्स – 1982 – उत्तर पश्चिमी रेलवे व राजस्थान पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित
  2. 2. फेरी क्वीन – 2003 – उत्तर पश्चिमी रेलवे द्वारा संचालित 3.
  3. राजस्थान रॉयल ऑन व्हील्स – 2009 – उत्तर पश्चिम रेलवे व राजस्थान पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित

जयपुर मेट्रो :-

● जयपुर मेट्रो का निर्माण एशियाई विकास बैंक के सहयोग से किया गया।

● शिलान्यास – 14 फरवरी 2011

● शुभारम्भ – 03 जून 2015

● कुल लम्बाई – 35.166 KM

● भूमिगत लम्बाई – 2.44 KM

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