हमारा ब्रह्मांड: RBSE Class 6 Social Science Chapter 1 Notes

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हमारा ब्रह्मांड: RBSE Class 6 Social Science Chapter 1 Notes

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Table of Contents

हमारा ब्रह्मांड Our Universe

◆ आसमान में दिखाई देने वाले तारों के विभिन्न समूहों को तारामंडल, नक्षत्रमंडल सहित कई अन्य नामों से जाना जाता है।
◆ सप्तऋषि मंडल – आसमान में दिखने वाले 7 तारों का समूह
◆ तारों के समूह को विभिन्न देशों में उनकी मान्यताओं के आधार पर विभिन्न नाम दिए गए है –
● भारत – चारपाई
● फ्रांस – सॉसपेन (हत्थे वाली ढेगची)
● ब्रिटेन – जुताई वाला हल
● यूनान – स्माल बियर जो अर्सा मेजर या ग्रेट बियर का भाग है।

◆ भारतीय मान्यता के अनुसार ध्रुवतारे से उत्तर दिशा का निर्धारण किया जाता है।
पोल स्टार (Pole Star) को हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार ध्रुव तारा कहा जाता है।

◆ खगोलीय पिंड – आसमान में फैले तारे, उल्का, ग्रह, उपग्रह, धूमकेतु आदि जिनमें हमारी पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा भी शामिल है उसे खगोलीय पिंड कहते है।
◆ सभी तारे हाइड्रोजन एवं हीलियम के समिश्रण से बने हैं।
◆ सूर्य एक तारा है।
◆ सभी ग्रह एवं उपग्रह सूर्य के प्रकाश से चमकते हैं।
◆ समस्त आकाशीय या खगोलीय पिंड के असीम आसमान को अंतरिक्ष (Space) कहा जाता है, इसी में हमारा ब्रह्मांड है।

◆ आकाशगंगा – विभिन्न तारों एवं उनके अवशेषों, तारों के मध्य गैसों और धूल कणों का ऐसा जमाव जो गुरुत्वाकर्षण के कारण एक-दूसरे से बंधा है, उसे आकाशगंगा कहा जाता है।
◆ ब्रह्मांड – अनगिनत आकाशगंगाओं के समूह को ब्रह्मांड कहते हैं।
◆ नक्षत्रमंडल – तारों के छोटे समूह को नक्षत्रमंडल कहा जाता है।
◆ लाखों नक्षत्रमंडल एवं तारकमध्य गैसों, धूलकणों से आकाशगंगा का निर्माण होता है।
◆ नक्षत्रमंडलों के अंदर तारकीयमंडल स्थित है, जैसे – सौरमंडल।

◆ प्रकाश वर्ष – दूरी का मात्रक है। इसका उपयोग खगोलीय पिंडों के बीच की दूरी मापने के लिए किया जाता है।
◆ प्रकाश, एक प्रकाश वर्ष में लगभग 95 खरब किलोमीटर की दूरी तय करता है।
◆ ब्रह्मांड की उत्पत्ति से संबंधित सर्वमान्य सिद्धांत बिग बैंग (Big Bang) है।
◆ बिग बैंग सिद्धांत के अनुसार 13.7 अरब वर्ष पहले एक वृहद प्रभावशाली विस्फोट हुआ जिसे बिग बैंग कहा जाता है। इस विस्फोट के बाद ब्रह्मांड, व खगोलीय पिंडों की उत्पत्ति हुई।
◆ पृथ्वी सहित सौरपरिवार, मंदाकिनी, ऐरावत पथ नामक आकाशगंगा में स्थित है।
◆ तारों के समूहों से आकाशगंगाओं का निर्माण होता है।
◆ पृथ्वी का सबसे निकटतम तारा सूर्य है। (पृथ्वी से लगभग 15 करोड़ किमी दूर)

◆ पुच्छल तारा या धूमकेतु – एक विशेष आकृति वाला तारा जो हमेशा दिखाई नहीं देता है। पुच्छल तारे की रचना बर्फ, धूल, छोटी चट्टानों और गैसीय पदार्थों से हुई है। इसकी आकृति पुंछ के समान होने के कारण इसे पुच्छल तारा (पुंछ वाला तारा) कहते हैं।
◆ धूमकेतु का सिर सूर्य की तरफ एवं पुंछ विपरीत दिशा में रहती है।
◆ सबसे चर्चित पुच्छल तारा हेली है, जो प्रति 76 वर्ष बाद दिखाई देता है इसे 1986 में देखा गया था अब पुनः 2062 में दिखाई देगा।
◆ तारे स्वयं के प्रकाश से चमकते हैं।
◆ पृथ्वी ग्रह है।
◆ सभी ग्रह एवं उपग्रह सूर्य के प्रकाश से चमकते हैं।
◆ पृथ्वी का सबसे निकटतम तारा सूर्य है।
उपग्रह – ग्रह के चारों ओर चक्कर लगाने वाला पिंड
◆ खगोलीय पिंड – आकाश में पाए जाने वाले ग्रह, तारे, उपग्रह आदि।

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