सिन्धुघाटी सभ्यता

Sindhu ghati sabhyta notes in hindi pdf,
सिंधु घाटी सभ्यता


 » सिंधु घाटी सभ्यता :-
● पाकिस्तान के सिंध तथा पंजाब प्रान्त में विश्व की प्राचीनतम 'सिंधुघाटी सभ्यता' के दो महानगर स्थित हैं । जिनके नाम क्रमशः मोहनजोदड़ो और हड़प्पा हैं ।
● अभी भी मुअनजोदड़ो और हड़प्पा प्राचीन भारत के ही नहीं , दुनिया के दो सबसे पुराने नियोजित शहर माने जाते हैं । ● खोजकार्य - 1922 में जब ‘ ‘ राखलदास बनर्जी ' ' यहाँ ( सिन्धुघाटी सभ्यता स्थल ) आए , तब वे एक स्तूप ( बौद्ध स्तूप ) की खोजबीन करना चाहते थे ।
● बौद्ध स्तूप की खुदाई शुरू करने के बाद राखलदास बनर्जी को मालूम हुआ कि यहाँ ईसा पूर्व के निशान है ।
● भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के महानिदेशक जॉन मार्शल के निर्देश पर खुदाई का व्यापक अभियान शुरू हुआ ।
● इस खोज ने भारत को मित्र और मेसोपोटामिया ( इराक ) की प्राचीन सभ्यताओं के समकक्ष ला खड़ किया ।
● सिंधु सभ्यता का विस्तार - जहाँ एक तरफ पश्चिमी एशिया में ‘ ‘ मेसोपोटामिया ' ' की सभ्यता बढ़ रही थी । वहीं दक्षिणी एशिया में भी एक शहरी सभ्यता उभरती दिखती है , इसे सिन्धु सभ्यता कहा गया ।
● भारत की आजादी के बाद जब पुरातत्त्व विभाग ने खोज की तो मालूम पड़ा कि सिंधु घाटी की तुलना में तो सभ्यता की कहीं ज्यादा बस्तियाँ लगभग सारे राजस्थान और कच्छ - गुजरात में फैली हैं ।
● नामकरण ( सिंधु सभ्यता को कई नामों से जाना जाता है ) - सन् 1922 ई . में सबसे पहले हड़प्पा नाम की जगह पर एक टीले पर खुदाई करने से इस “ दक्षिणी एशियाई सभ्यता ' ' के बारे में पता चला , तो पहले इसका नाम ' हड़प्पा की सभ्यता ' ' रख दिया गया ।
- हड़प्पा से 400 किलोमीटर दूर ‘ मोअन जो - दरो ' नाम की जगह पर पुरातत्त्ववेत्ताओं को एक भरे पूरे शहर के अवशेष मिले , तो इसे हडप्प - योअन जो दड़ो की सभ्यता कहा जाने लगा ।
- सिन्धु नदी की घाटी में वर्तमान गाँवों के आस - पास के टीलों की खुदाई करने पर पता चला कि इसी तरह के अनेक ' ' शहरी अवशेष सारी सिन्धु नदी की घाटी में फैले हैं , तो इसे सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा जाने लगा ।
●  " सिन्धु घाटी सभ्यता की खुदाई करने पर दो महानगर अस्तित्व में आये ।
1. मोअन जो - दड़ो पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित पुरातात्विक स्थान है , जहाँ सिँधु घाटी सभ्यता बसी थी । - मुनजोदड़ो का अर्थ है , “ मुर्दो का टीला ' ' ( वर्तमान में इसे मोहनजोदड़ो के नाम से जाना जाता है )
2. हड़प्पा - पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का पुरातात्विक स्थान , जहाँ सिंधु घाटी सभ्यता का दूसरा प्रमुख नगर बसा था ।
◆ नोट : - ( i ) आज ये दोनों ही नगर पाकिस्तान में है ।
( ii ) इनमें से हड़प्पा के खण्डहर तो अब अवशेष मात्र रह गये हैं । ( पाकिस्तान से रेल बिछाने का कार्य चला तो इस खण्डहर को अस्त - व्यस्त कर दिया । )
( iii ) अब केवल मुअनजोदड़ो के खण्डहर देखे जा सकते हैं , जो सिन्धु घाटी की समृद्ध नगर सभ्यता का ज्वलंत प्रमाण है ।
● नगर नियोजन - नगर नियोजन सिंधु सभ्यता ( मुअनजोदड़ो ) की अनूठी मिसाल है ।
- ग्रिड प्लान - यहाँ की सारी सड़कें सीधी है या फिर आड़ी । आज वास्तुकार इसे “ ग्रिड प्लान ' ' कहते हैं । ( आज की सेक्टर मार्का कॉलोनियों में हमें आड़ा सीधा नियोजन बहुत मिलता है )
◆ नोट : - ( i ) ब्रासीलिया या चंडीगढ़ और इस्लामाबाद ' ग्रिड ' शैली के शहर हैं , जो आधुनिक नगर नियोजन के प्रतिमान ठहराए जाते हैं ।
( ii ) शहर को नियोजित ढंग से बसाया गया था , पालियों और सड़कें चौड़ी और सौधों बनी हुई है । { आज भी उन गलियों और सड़कों पर घूमा जा सकता है ।
●  सिन्धु सभ्यता ( मोहनजोदड़ो ) से प्राप्त महाकुंड :- शहरी सभ्यता में स्नानागार भी अपना महत्त्व रखते हैं । ( यहाँ खुदाई के दौरान एक बड़ा स्नानागार मिला है ) मोहनजोदड़ो का शहर एक महाकुंड के रूप में सामूहिक स्नान के लिए एक अति समद्ध केन्द्र है  माना जाता है कि इस सभ्यता में सामूहिक स्नान किसी अनुष्ठान का अंग होता था ।

◆ सिंधु घाटी सभ्यता की विशेषताएँ :-
● जल निकासी - जल निकासी की उन्नत प्रबंध व्यवस्था सिंधु घाटी की अनूठी विशेषता हैं ।
नोट : - पानी – निकासी का ऐसा सुव्यवस्थित बंदोबस्त इससे पहले के इतिहास में नहीं मिलता ।
● कृषि और पशुपालन - सिंधु घाटी के दौर में व्यापार ही नहीं , उन्नत खेती भी होती थी ।
- कपास , गेहूँ , जौ , सरसों और चने की उपज के पुख्ता सबूत खुदाई में मिले हैं ।
नोट : - 1 . सिंधु सभ्यता के लोग अन्न उपजाते नहीं थे , उसका आयात करते थे ।
2 . लेकिन नयी खोज ने इस तथ्य को निर्मूल साबित कर दिया है ।
3 . अब कुछ विद्वान मानते हैं कि वह मूलत : खेतिहर और पशुपालक सभ्यता थी ।
● सौन्दर्यबोध - एक पुरातत्त्ववेता के मुताबिक सिंधु सभ्यता की खूबी उसका सौन्दर्य बोध है , जो राज पोषित या धर्म - पोषित न होकर समाज पेषित सभ्यता थी ।

◆  सिधु सभ्यता का विस्तार :-
● सिन्धु सभ्यता का सर्वाधिक “ पश्चिम ' ' में स्थित पुरास्थल ' ' सुत्कोगेंडोर ' ' बलूचिस्तान है ।
● सिन्धु सभ्यता का सर्वाधिक ' ' उत्तर ' ' में स्थित पुरास्थल ‘ मांडा ' जम्मू कश्मीर हैं ।
● सिन्धु सभ्यता का सर्वाधिक पूर्व में स्थित पुरास्थल ' आलमगीरपुर ' उत्तर प्रदेश हैं ।
● सिन्ध सभ्यता का सर्वाधिक दक्षिण में स्थित पुरास्थल दायमाबाद ' ' महाराष्ट्र हैं ।