सल्तनतकालीन प्रमुख शब्दावली, सल्तनतकालीन प्रमुख कथन

दिल्ली सल्तनत Delhi Saltanat

सल्तनतकालीन प्रमुख शब्दावली, सल्तनतकालीन प्रमुख कथन: भारतीय इतिहास की इस पोस्ट में सल्तनतकालीन प्रमुख शब्दावली और सल्तनतकालीन प्रमुख कथन से संबंधित नोट्स एवं महत्वपूर्ण जानकारी दि गई है जो सभी परीक्षाओं के लिए बेहद ही उपयोगी है

सल्तनतकालीन प्रमुख शब्दावली

👉🏻 खुत – ग्राम अधिकारी
👉🏻 मुकद्दम – ग्रामीण मुखिया
👉🏻 नवीसन्दा – लिपिक
👉🏻 कल्ब – राजा के व्यक्तिगत सैनिक
👉🏻 जिम्मी – जजिया देने वाले हिन्दू
👉🏻 वली – प्रान्तीय गवर्नर
👉🏻 उस्लूब – अधिनिमय
👉🏻 कल्ब – राजा के व्यक्तिगत सैनिक
👉🏻 जिम्मी – जजिया देने वाले हिन्दू
👉🏻 वली – प्रान्तीय गवर्नर
👉🏻 उस्लूब – अधिनिमय
👉🏻 उर्दू-ए-मुअल्ला – शाही षिविर
👉🏻 मुस्तौफी-ए-ममालिक – लेखा परीक्षक
👉🏻 मुहनियान – गुप्तचर
👉🏻 अमीर-ए-हाजिब – दरबारी षिष्टाचार का अधिकारी
👉🏻 आरिज-ए-मुमालिक – सेना का प्रधान

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👉🏻 बरीद-ए-मुमालिक – राज्य के समाचार एवं सूचना तंत्र का प्रमुख
👉🏻 दबीर-ए-मुमालिक – शाही सचिवालय का प्रधान
👉🏻 दबीर-ए-खास – शाही पत्र-व्यवहार से सम्बन्ध रखने वाला अधिकारी
👉🏻 सर-ए-जांदार – सुल्तान के अंगरक्षकों का नियन्त्रण
👉🏻 वकील-ए-दर – शाही गृहस्थी का नियन्त्रक तथा पर्यवेक्षक
👉🏻 दीवान-ए-अर्ज – प्रारम्भिक दिल्ली सल्तनत काल में सैन्य दस्तों के संगठन को देखना वाला मंत्री
👉🏻 दीवान-ए-अमीर कोही – कृषि विकास के लिए मुहम्मद तुगलक द्वारा स्थापित किया गया विभाग
👉🏻 दीवान-ए-खैरात – फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित दान विभाग
👉🏻 दीवान-ए-बंदगान – फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित दास विभाग
👉🏻 दीवान-ए-अर्ज – बलबन द्वारा स्थापित रक्षा विभाग का मंत्री
👉🏻 मुह्तसिब – शरीयत के नियमों के अनुसार आचरण लागू करवाने वाला अधिकारी
👉🏻 दाऊलषफा – फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित अस्पताल
👉🏻 फुरूसिया – घुड़सवारी अभ्यास हेतु खुला मैदान

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👉🏻 हक-ए-षर्ब – फिरोज तुगलक के काल में लगाया गया सिंचाई-कर
👉🏻 तकाबी – मुहम्मद तुगलक के समय किसानों को दिया गया कृषि ऋण
👉🏻 खिदमती – पराजित हिन्दू राजाओं से लिया जाने वाला कर
👉🏻 किस्मात-ए-खोते – गांव के मुखिया द्वारा किसानों से एकत्रित किया गया एक कृषि सम्बन्धी उपकर
👉🏻 इक्ता – नागरिक एवं सैन्य सेवा के लिए दिया जाने वाला वेतन स्वरूप क्षेत्र
👉🏻 खालिसा – सल्तनत प्रषासन के सीधे नियन्त्रण में आने वाली भूमि
👉🏻 इक्ता – तनख्वाह के बदले भूमि के लगान का अनुदान
👉🏻 महाल-ए-पैबाकी – जागीर के लिए आरक्षित भूमि
👉🏻 फवाजिल – राज्य को प्रेषित अधिषेष राजस्व
👉🏻 अमीरान-ए-सदा – मुहम्मद तुगलक के समय विदेषी अमीर
👉🏻 खान – सल्तनत काल का सर्वोंच्च सैनिक अधिकारी
👉🏻 अर्राब – पहिए वाले वाहनों पर लदी बन्दूकें
👉🏻 शुतरनाल – ऊॅंटों की पीठ पर ले जाने वाला हल्का तोपखाना
👉🏻 गजनाल – हाथियों की पीठ पर ले जाया जाने वाला हल्का तोपखाना
👉🏻 नरनाल – लोगों की पीठ पर ले जाया जाने वाला हल्का तोपखाना

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सल्तनतकालीन प्रमुख कथन

👉🏻 ‘राजकीय मुकुट का प्रत्येक मोती गरीब किसान की अश्रुपूरित आंखों से गिरी हुई रक्त की घनीभूत बूंद है।’ यह कथन था – अमीर खुसरो का
👉🏻 ‘‘भारत अरब नहीं है, इसे दारूल इस्लाम में परिवर्तित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।’’ यह किस सुल्तान ने कहा था – इल्तुतमिष ने
👉🏻 ‘‘कोई भी राजा इतना दयालु, सहानुभूति रखने वाला, विद्वानों तथा वृद्धों के प्रति श्रद्धालु, अपने प्रयासों से कभी साम्राज्य पर आसीन नहीं हुआ।’’ मिनहाज सिराज ने यह किसके बारे में कहा है – इल्तुतमिष के बारे में
👉🏻 ‘‘नगर इतना बुरी तरह उजड़ गया कि नगर की इमारतों, महल और आसपास के इलाकों में एक बिल्ली या कुत्ता तक नहीं बचा।’’ मुहम्मद तुगलक द्वारा राजधानी परिवर्तन के बारे में यह किसने कहा – बरनी ने
👉🏻 ‘‘एक मलिक होते हुए भी वह खान हो गया और फिर सुल्तान बन गया।’’ यह किस सुल्तान के बारे में कहा गया है – बलबन के बारे में
👉🏻 ‘‘अलाऊद्दीन खिलजी इतना रक्त बहाने का दोषी है, जितना की फैरों ने भी कभी नहीं बहाया था।’’ यह कथन है – बरनी का
👉🏻 ‘‘मैं लोगों को ऐसे हुक्म देता हूॅं जो राज्य के लिए लाभकारी समझता हूूॅं। मैं नहीं जानता कि वे शरीयत के अनुसार उचित है या नहीं।’’ यह किसने कहा – अलाउद्दीन खिलजी
👉🏻 ‘‘मेरा जीवन पुस्तकों के सूक्ष्म अघ्ययन में व्यतीत हुआ है। मैनें प्रत्येक विज्ञान में प्राचीन एवं आधुनिक दोनों प्रकार के अनेक साहित्य ग्रंथों का अध्ययन किया है। कुरान की रहस्यवाद के अध्ययन के बाद भी जितना लाभ मुझे इतिहास सम्बन्धी विज्ञान में प्राप्त हुआ उतना ज्ञान किसी अन्य स्वरूप या प्रायोगिक क्रिया में नहीं।’’ यह कथन है – बरनी का

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👉🏻 ‘‘उत्तर भारत में तुर्कों की विजय का एक महत्वपूर्ण पहलू नगरीय क्रांति थी।’’ यह कथन था – मुहम्मद हबीब का
👉🏻 ‘‘सर्वषक्तिमान ईष्वर जब अपने सेवकों की आजीविका वृद्धावस्था के कारण वापिस नहीं लेता, खुदा का बंदा होने के नाते भला मैं अपने वृद्ध सैनिकों को कैसे पदच्युत कर सकता हूॅं।’’ यह कथन है – फिरोज तुगलक का
👉🏻 ‘‘राजा देवत्व का अंष होता है, उसकी समानता कोई भी मनुष्य नहीं कर सकता।’’ यह कथन है – बलबन का अपने पुत्र बुगरा खाॅं के प्रति
👉🏻 ‘‘इस्लाम की राजधानी (बगदाद) से भेजे गए लाल वस्त्र, आभूषण एवं उपहार को सुल्तान, उसके पुत्रों तथा अमीरों ने स्वीकार किया।’’ तबकात-ए-नासिरी के अनुसार ये शब्द कहे गए है – इल्तुतमिष के बारे में
👉🏻 ‘‘बलबन एक उत्तम अभिनेता था और अपने दर्षकों को आधुनिक फिल्मी सितारों की भाॅंति मंत्रमुग्ध रखता था।’’ यह कथन है – के. ए. निजामी का
👉🏻 ‘‘मेरा साम्राज्य रूग्ण हो गया है और यह किसी उपचार से ठीक नहीं हो सकता। वैद्य सरदर्द ठीक करता है तो बुखार हो जाता है और बुखार ठीक करने की कोषिष करता है तो और कुछ हो जाता है।’’ यह किसने कहा था – मुहम्मद तुगलक
👉🏻 ‘‘कृषक वर्ग की कोई भी महिला बिना आभूषणों के नहीं देखा जा सकती थी।’’ यह कथन था – अफीफ का

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सल्तनतकालीन प्रमुख शब्दावली

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