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हिन्दी व्याकरण उपसर्ग (Upsarg) नोट्स

उपसर्ग Upsarg: हिन्दी व्याकरण की इस पोस्ट में उपसर्ग नोट्स उपलब्ध करवाए गये है जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद ही उपयोगी एवं महत्वपूर्ण है इन नोट्स की पीडीएफ़ फाइल डाउनलोड करने के लिए पोस्ट के अंत में लिंक दिया गया है जिस पर क्लिक करके नोट्स की पीडीएफ़ फाइल डाउनलोड कर सकते है, upsarg in hindi, hindi upsarg, upsarg in hindi grammar, upsarg examples

उपसर्ग Upsarg

उपसर्ग की परिभाषा :- उपसर्ग एक शब्दान्श मात्रा होता है अर्थात ऐसे शब्दांश जो किसी धातु अथवा किसी शब्द से पहले जुड़कर नए शब्द की रचना करते है एवं मूल धातु/शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते है वे उपसर्ग कहलाते है।

उपसर्गों का वर्गीकरण

हिन्दी भाषा में प्रयुक्त होने वाले सभी उपसर्गों को प्रमुखतः 4 श्रेणियों में विभाजित किया जाता है –

  1. संस्कृत के उपसर्ग
  2. हिन्दी के उपसर्ग
  3. उर्दू और फ़ारसी के उपसर्ग अंग्रेज़ी के उपसर्ग
  4. उपसर्ग के समान प्रयुक्त होने वाले संस्कृत के अव्यय।

1. संस्कृत के उपसर्ग

» जिन उपसर्गों की रचना सर्वप्रथम संस्कृत भाषा में की गई थी वे मूल उपसर्ग कहलाते है

» संस्कृत में बाइस (22) उपसर्ग हैं। प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आ (आङ्), नि, अधि, अपि, अति, सु, उत् /उद्, अभि, प्रति, परि तथा उप।

  • अति – (आधिक्य) अतिशय, अतिरेक;
  • अधि – (मुख्य) अधिपति, अध्यक्ष
  • अधि – (वर) अध्ययन, अध्यापन
  • अनु – (मागुन) अनुक्रम, अनुताप, अनुज;
  • अनु – (प्रमाणें) अनुकरण, अनुमोदन.
  • अप – (खालीं येणें) अपकर्ष, अपमान;
  • अप – (विरुद्ध होणें) अपकार, अपजय.
  • अपि – (आवरण) अपिधान = अच्छादन
  • अभि – (अधिक) अभिनंदन, अभिलाप
  • अभि – (जवळ) अभिमुख, अभिनय
  • अभि – (पुढें) अभ्युत्थान, अभ्युदय.
  • अव – (खालीं) अवगणना, अवतरण;
  • अव – (अभाव, विरूद्धता) अवकृपा, अवगुण.
  • आ – (पासून, पर्यंत) आकंठ, आजन्म;
  • आ – (किंचीत) आरक्त;
  • आ – (उलट) आगमन, आदान;
  • आ – (पलीकडे) आक्रमण, आकलन.
  • उत् – (वर) उत्कर्ष, उत्तीर्ण, उद्भिज्ज
  • उप – (जवळ) उपाध्यक्ष, उपदिशा;
  • उप – (गौण) उपग्रह, उपवेद, उपनेत्र
  • दुर्, दुस् – (वाईट) दुराशा, दुरुक्ति, दुश्चिन्ह, दुष्कृत्य.
  • नि – (अत्यंत) निमग्न, निबंध
  • नि – (नकार) निकामी, निजोर.
  • निर् – (अभाव) निरंजन, निराषा
  • निस् (अभाव) निष्फळ, निश्चल, नि:शेष.
  • परा – (उलट) पराजय, पराभव
  • परि – (पूर्ण) परिपाक, परिपूर्ण (व्याप्त), परिमित, परिश्रम, परिवार
  • प्र – (आधिक्य) प्रकोप, प्रबल, प्रपिता
  • प्रति – (उलट) प्रतिकूल, प्रतिच्छाया,
  • प्रति – (एकेक) प्रतिदिन, प्रतिवर्ष, प्रत्येक
  • वि – (विशेष) विख्यात, विनंती, विवाद
  • वि – (अभाव) विफल, विधवा, विसंगति
  • सम् – (चांगले) संस्कृत, संस्कार, संगीत,
  • सम् – (बरोबर) संयम, संयोग, संकीर्ण.
  • सु – (चांगले) सुभाषित, सुकृत, सुग्रास;
  • सु – (सोपें) सुगम, सुकर, स्वल्प;
  • सु – (अधिक) सुबोधित, सुशिक्षित

कुछ शब्दों के पूर्व एक से अधिक उपसर्ग भी लग सकते हैं।

उदाहरण :-

  • प्रति + अप + वाद = प्रत्यपवाद
  • सम् + आ + लोचन = समालोचन
  • वि + आ + करण = व्याकरण
  • अत्युत्कृष्ट, निर्विकार, सुसंगति इत्यादि

2. उर्दू उपसर्ग

  • उपसर्ग – अर्थ – शब्दरूप
  • अल – निश्र्चित, अन्तिम – अलविदा, अलबत्ता
  • कम – हीन, थोड़ा, अल्प – कमसिन, कमअक्ल, कमज़ोर
  • खुश – श्रेष्ठता के अर्थ में – खुशबू, खुशनसीब, खुशकिस्मत, खुशदिल, खुशहाल, खुशमिजाज
  • ग़ैर – निषेध – ग़ैरहाज़िर ग़ैरकानूनी ग़ैरवाजिब ग़ैरमुमकिन ग़ैरसरकारी ग़ैरमुनासिब
  • दर – मध्य में – दरम्यान दरअसल दरहकीकत
  • ना – अभाव – नामुमकिन नामुराद नाकामयाब नापसन्द नासमझ नालायक नाचीज़ नापाक नाकाम
  • फ़ी – प्रति – फ़ीसदी फ़ीआदमी
  • ब – से, के, में, अनुसार – बनाम बदस्तूर बमुश्किल बतकल्लुफ़
  • बद – बुरा – बदनाम बदमाश बदकिस्मत बदबू बदहज़मी बददिमाग बदमज़ा बदहवास बददुआ बदनीयत बदकार
  • बर – पर, ऊपर, बाहर – बरकरार बरवक्त बरअक्स बरजमां कंठस्थ
  • बा – सहित – बाकायदा बाकलम बाइज्जत बाइन्साफ बामुलाहिज़ा
  • बिला – बिना – बिलावज़ह बिलालिहाज़ बिलाशक बिलानागा
  • बे – बिना – बेबुनियाद बेईमान बेवक्त बेरहम बेतरह बेइज्जत बेअक्ल बेकसूर बेमानी बेशक
  • ला – बिना, नहीं – लापता लाजबाब लावारिस लापरवाह लाइलाज लामानी लाइल्म लाज़वाल
  • सर – मुख्य – सरहद सरताज सरकार सरगना

3. हिन्दी के उपसर्ग

ऐसे शब्दांश जो हिन्दी के तद्भव अथवा देशज शब्दों के साथ जोड़े जाते है वे इसी श्रेणी के उपसर्गों में शामिल किए जाते है जैसे –

  • दु (दो) – दुगुना, दुपहिया, दुपट्टा, दुबारा, दुनाली
  • ति (तीन) – तिगुना, तिकोना, तिरंगा, तिराहा, तिपाई
  • चौ (चार) – चौगुना, चौकोर, चौराहा, चौरंगा, चौमासा
  • पच (पाँच) पचरंगी, पचपन, पचमेल, पचकुटा, पचमणी
  • अध (आधा) – अधमरा, अधपका, अधजला
  • औ (अव) – औचक, औतार, औसर, औघट
  • चिर – चिरकाल, चिरस्थाई, चिरपरिचित, चिराग
  • नाना (अनेक) – नानाप्रकार
  • सम (बराबर) – समकोण, समकक्ष, समतल, समकालीन
  • अन (नहीं) – अनहोनी, अनपढ़, अनजान, अनमोल, अनमेल

4. विदेशी उपसर्ग

ऐसे शब्दांश जो विदेशज शब्दों के साथ जोड़े जाते है वे इस श्रेणी के उपसर्गों में शामिल किया जाता है जैसे –

  • बे (रहित) – बेईमान, बेइज्जत, बेदर्द, बेशर्म, बेकार, बेवजह
  • बा (रहित) बाइज्जत, बाकायदा, बाअदब
  • ला (रहित) – लाइलाज, लापता, लाजवाब, लावारिस, लापरवाह
  • बद (बुरा) – बदहाल, बदकिस्मत, बदबू, बदतमीज
  • खुश (अच्छा) – खुशहाल, खुशकिस्मत, खुशबू
  • सब (उप) सब-इंस्पेक्टर, सब-डिवीजन, सब-कमेटी
  • टेली (दूर) – टेलीफोन, टेलीविजन, टेलीप्रिंटर, टेलिस्कोप, टेलीग्राफ
  • हाफ (आधा) – हाफमाइंड, हाफपेंट, हाफशर्ट
  • नेक (अच्छा) – नेकदिल, नेकराह, नेकनीयत
  • हम (साथ) – हमवतन, हमउम्र, हमदम, हमराही, हमजोली
  • सर (मुख्य) – सरहद, सरपंच, सरकार, सरदार, सरताज (उपसर्ग Upsarg)
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